सरकार ने मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) को यूएपीए के तहत गैरकानूनी संघ घोषित किया है

सरकार ने मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) को यूएपीए के तहत गैरकानूनी संघ घोषित किया है

गृह मंत्रालय द्वारा 27 दिसंबर 2023 को मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) एमएलजेके-एमए को यूएपीए के तहत ‘गैरकानूनी संघ’ घोषित किया गया। यह संगठन भारत में आतंकवाद का समर्थन करते हुए जम्मू-कश्मीर में राष्ट्र विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल है। सदस्यों का लक्ष्य जम्मू-कश्मीर में इस्लामी शासन स्थापित करना है, जिससे भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता को खतरा पैदा होगा। यूएपीए 1967, आईपीसी 1860, आर्म्स एक्ट 1959 और रणबीर दंड संहिता 1932 के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए।

प्रश्न: मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) को यूएपीए के तहत ‘गैरकानूनी संघ’ क्यों घोषित किया गया?

A. राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्तता
B. लोकतांत्रिक सुधारों की वकालत करना
C. सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना
D. आर्थिक विकास का समर्थन करना

उत्तर : A. राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में संलिप्तता

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